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शुभ मुहूर्त

Dhanteras 2026: धनतेरस पर होगी धन वर्षा, जानें खरीदारी का शुभ मुहूर्त

Dhanteras 2026: जानें धनतेरस पर सोना-चांदी और अन्य वस्तुएं खरीदने के 3 शुभ मुहूर्त, पूजा का सही समय और सुख-समृद्धि से जुड़े विशेष योग।

Wow Jyotish5 min read
Dhanteras 2026

Dhanteras Shopping 2026: धनतेरस, जिसे धन त्रयोदशी भी कहा जाता है, पांच दिवसीय दीपावली उत्सव का पहला और महत्वपूर्ण पर्व है। इस दिन से घरों, दुकानों और बाजारों में दिवाली की रौनक दिखाई देने लगती है। हिंदू धर्म में धनतेरस को धन-संपत्ति, उत्तम स्वास्थ्य, खुशहाली और नए कार्यों की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक परंपराओं के अनुसार, इस शुभ दिन पर भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और धन के देवता कुबेर की विधि-विधान से आराधना की जाती है।

धनतेरस पर नई वस्तुएं खरीदने की भी विशेष परंपरा है। मान्यता है कि इस दिन खरीदी गई वस्तुएं घर में सुख-समृद्धि लाती हैं और धन में तेरह गुना वृद्धि का प्रतीक मानी जाती हैं। हालांकि धार्मिक विश्वासों के अनुसार, शुभ मुहूर्त में खरीदारी करने का विशेष महत्व होता है। आइए Wow Jyotish के माध्यम से जानते हैं कि धनतेरस 2026 पर खरीदारी के लिए कौन-कौन से शुभ मुहूर्त रहेंगे और इस दिन किन विशेष ज्योतिषीय संयोगों का प्रभाव रहेगा।

Table of Contents

  • धनतेरस 2026 की तिथि, शुभ योग और पूजा मुहूर्त

  • शुक्रवार को धनतेरस पर खरीदारी के 3 शुभ मुहूर्त

धनतेरस 2026 की तिथि, शुभ योग और पूजा मुहूर्त

धनतेरस के अवसर पर सोना, चांदी, बर्तन, वाहन और अन्य उपयोगी सामान खरीदने से पहले इस दिन की तिथि, नक्षत्र और शुभ मुहूर्त की जानकारी होना आवश्यक माना जाता है। वर्ष 2026 में धनतेरस शुक्रवार, 6 नवंबर को मनाई जाएगी।

पंचांग के अनुसार, इस दिन कुछ विशेष ग्रह-नक्षत्रों के संयोग बताए गए हैं, जिनका धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से महत्व माना जाता है।

  • धनतेरस की तारीख: शुक्रवार, 6 नवंबर 2026।

  • नक्षत्र: इस दिन हस्त नक्षत्र का संयोग बताया गया है।

  • योग: धनतेरस पर विष्कंभ योग रहेगा।

  • ग्रहों की स्थिति: चंद्रमा कन्या राशि में और सूर्य तुला राशि में गोचर करेंगे।

  • लक्ष्मी-कुबेर पूजा मुहूर्त: शाम 6:02 बजे से 7:57 बजे तक।

  • बृहस्पति (गुरु): ज्योतिषीय विवरण के अनुसार, देवगुरु बृहस्पति वक्री अवस्था में कन्या राशि में गोचर करेंगे।

  • मालव्य राजयोग: शुक्र ग्रह के अपनी स्वराशि तुला में स्थित होने से मालव्य राजयोग बनने का उल्लेख किया गया है।

  • शुक्र प्रदोष व्रत: इस वर्ष धनतेरस के अवसर पर शुक्रवार और प्रदोष व्रत का विशेष संयोग रहेगा।

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, धनतेरस पर बनने वाले इन संयोगों का धार्मिक कार्यों, पूजा-पाठ और नई वस्तुओं की खरीदारी के संदर्भ में विशेष महत्व माना जाता है।

धनतेरस के दिन कौन-सी वस्तुएं खरीदना शुभ माना जाता है, किन चीजों की खरीदारी से बचने की सलाह दी जाती है और पूजा के दौरान किन नियमों का पालन करना चाहिए, इसकी विस्तृत जानकारी Wow Jyotish पर धनतेरस 2026 से संबंधित लेख में प्राप्त कर सकते हैं।

शुक्रवार को धनतेरस पर खरीदारी के 3 शुभ मुहूर्त

साल 2026 में धनतेरस शुक्रवार के दिन पड़ रही है। हिंदू धार्मिक मान्यताओं में शुक्रवार को माता लक्ष्मी की उपासना के लिए विशेष माना जाता है। इसलिए इस दिन धनतेरस का संयोग महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, शुक्रवार के दिन शुक्र ग्रह के अपनी स्वराशि तुला में होने से मालव्य राजयोग बनता है। इस योग को सुख-सुविधाओं, संपन्नता और भौतिक समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है।

धनतेरस पर सामान्यतः राहुकाल और अन्य अशुभ समय से बचकर खरीदारी करने की परंपरा है। हालांकि इस वर्ष खरीदारी के लिए तीन विशेष मुहूर्त बताए गए हैं, जिनमें सोना-चांदी, बर्तन, वाहन, संपत्ति और अन्य आवश्यक सामान खरीदना शुभ माना जाता है।

1. चौघड़िया मुहूर्त में खरीदारी

धनतेरस 2026 पर खरीदारी का पहला शुभ अवसर सुबह के चौघड़िया मुहूर्त में मिलेगा। पंचांग के अनुसार, यह समय सुबह 8:16 बजे से 9:48 बजे तक रहेगा।

इस अवधि में सोने-चांदी के आभूषण, धातु के बर्तन, वाहन, घर से संबंधित वस्तुएं और अन्य आवश्यक सामान खरीदना शुभ माना जाता है। धार्मिक विश्वासों के अनुसार, शुभ चौघड़िया में की गई खरीदारी घर में समृद्धि और सकारात्मकता लाने का प्रतीक होती है।

चौघड़िया खरीदारी मुहूर्त: सुबह 8:16 बजे से 9:48 बजे तक।

2. अभिजीत मुहूर्त में खरीदारी

धनतेरस पर खरीदारी के लिए दूसरा महत्वपूर्ण समय अभिजीत मुहूर्त का रहेगा। हिंदू पंचांग में अभिजीत मुहूर्त को कई शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है।

6 नवंबर 2026 को अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:48 बजे से दोपहर 12:56 बजे तक बताया गया है।

इस समय लोग सोना, चांदी, इलेक्ट्रॉनिक सामान, घरेलू उपकरण या अन्य जरूरी वस्तुओं की खरीदारी कर सकते हैं। मान्यता है कि अभिजीत मुहूर्त में शुभ कार्यों की शुरुआत सकारात्मक परिणामों से जुड़ी होती है।

अभिजीत खरीदारी मुहूर्त: सुबह 11:48 बजे से दोपहर 12:56 बजे तक।

3. प्रदोष काल में खरीदारी और पूजा

धनतेरस पर तीसरा महत्वपूर्ण मुहूर्त शाम के प्रदोष काल में रहेगा। हिंदू धार्मिक परंपराओं में प्रदोष काल का विशेष महत्व है। इस समय माता लक्ष्मी, भगवान धन्वंतरि और कुबेर देवता की पूजा की जाती है।

वर्ष 2026 में धनतेरस पर प्रदोष काल शाम 5:49 बजे से रात 8:23 बजे तक रहेगा।

इस दौरान नई वस्तुएं खरीदने के साथ घर में दीपक जलाना, धन्वंतरि भगवान की आराधना करना और माता लक्ष्मी तथा कुबेर देवता की पूजा करना शुभ माना जाता है।

प्रदोष काल का शुभ मुहूर्त: शाम 5:49 बजे से रात 8:23 बजे तक।

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धनतेरस 2026 पर खरीदारी का सही समय, पूजा की विधि, शुभ-अशुभ मुहूर्त और धार्मिक उपायों से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए आप Wow Jyotish पर ज्योतिष विशेषज्ञों से फ्री चैट के माध्यम से मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं।

#Dhanteras 2026